उपलब्धियाँ
प्रतिवेदन, परामर्श एवं वार्ता के माध्यम से प्राप्त परिणाम।
कार्य-वृत्त
सामूहिक प्रयास से क्या हासिल हुआ
योजना मद के संस्थानों को गैर-योजना मद में शामिल कराना
संगठन के प्रयासों से योजना मद में संचालित संस्थानों को गैर-योजना मद में शामिल कराया गया।
नए पदों का सृजन
कई संस्थानों में प्रधान लिपिक एवं ग्रुप अनुदेशक के पद सृजित कराए गए।
कैरियर प्रोग्रेशन हेतु विभागीय कमिटी का गठन
पदनाम परिवर्तन, ग्रेड-पे सुधार एवं प्रोन्नति संबंधी विसंगतियों के समाधान हेतु निरंतर प्रयास किए गए, जिसके परिणामस्वरूप अनुदेशक संवर्ग के कैरियर प्रोग्रेशन हेतु विभागीय कमिटी का गठन हुआ।
प्रशिक्षण अधिकारी पदनाम एवं लेवल-7 की अनुशंसा
कमिटी द्वारा अनुदेशक संवर्ग का पदनाम प्रशिक्षण अधिकारी तथा वेतनमान लेवल-7 करने की अनुशंसा की गई।
ग्रुप अनुदेशक की उप प्राचार्य पद पर प्रोन्नति की अनुशंसा
वरीयता के आधार पर ग्रुप अनुदेशक के उप प्राचार्य पद पर प्रोन्नति की अनुशंसा कमिटी द्वारा की गई।
परिवीक्षा अवधि दो वर्ष से घटाकर एक वर्ष
दो वर्ष की परिवीक्षा अवधि को कोर्ट केस के माध्यम से एक वर्ष कराया गया।
पदनाम परिवर्तन का निर्णय विभाग स्तर से
अनुदेशक का पदनाम परिवर्तन कर प्रशिक्षण अधिकारी तथा ग्रुप अनुदेशक का पदनाम परिवर्तन कर वरिष्ठ प्रशिक्षण अधिकारी करने का निर्णय विभाग स्तर से कराया गया।
मुख्यतः 34वें द्विवार्षिक अधिवेशन (06 जून 2026) में प्रस्तुत निवर्तमान कार्यकारिणी के द्विवर्षीय प्रतिवेदन से; बाद की उपलब्धियाँ प्रांतीय कार्यालय द्वारा जोड़ी गईं। पूरी कार्यवाही डाउनलोड अनुभाग में उपलब्ध है।
